56 देशों में विहिप कर रहा काम, 30 लाख कार्यकर्ता कर रहे सहयोग

विश्व हिन्दू परिषद ने 55 वां स्थापना दिवस आस्था मन्दिर में धूम-धाम से मनाया। विहिप एवं बजरंगदल के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारी सहित शहर के कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं उपस्थित थे। सर्वप्रथम दीप प्रज्ज्वलित कर भारत माता, श्रीरामजन्मभूमि के प्रारूप एवं भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की गयी। मौके पर संबोधित करते हुए विहिप के पदाधिकरियों ने कहा कि आज ये विश्व का सबसे बड़ा हिंदूवादी संगठन है, जो कि दुनिया के 56 राष्ट्रों में कार्य कर रहा। विहिप के लगभग 92000 सेवा प्रकल्प आज विश्व भर में विभिन्न क्षेत्रों में सेवा दे रहे हैं। जिन्हें 30 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से किया जा रहा। गौशाला, शिक्षा, स्वास्थ्य, सनातन संस्कृति, योग, रक्तदान, अंगदान, मंदिर एवं धर्मशाला निर्माण जैसे कई सामाजिक कार्य पिछले 5 दशकों से करता आ रहा हैं।

आज जब भारत पुनः विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है। सारा विश्व हम सभी की ओर बहुत आशा से देख रहा है। ऐसे में हमारी जिम्मेवारी हिन्दू समाज ओर राष्ट्र के लिए और भी बढ़ जाती है। इसके लिए हम सभी भारतीयों को सजग रहकर देश सेवा करने की जरूरत है। इन सभी का मूल समाधान संगठन से जुड़ संगठित रहने में है। इसलिए विहिप सभी राष्ट्र भक्तों से अपील करता है कि विहिप का सदस्यता अभियान प्रारंभ हो रहा है। इसमें सभी हिंदूवादी राष्ट्रभक्त ज्यादा से ज्यादा संख्या में जुड़ कर व्यक्तित्व एवं राष्ट्र निर्माण में सहयोग करें। वक्ताओं में नगर मंत्री चंदन राज, अमरनाथ सिंह, विनोद कुमार लाठ, पवन पोद्दार, जिला मीडिया प्रभारी विवेक कुमार लाठ आदि शामिल थे।

आस्था मंदिर में विहिप के 55वें स्थापना दिवस पर उपस्थित विहिप नेता ।

विश्व भर में विहिप के 92 हजार सेवा प्रकल्प

कसबा | विश्व हिन्दू परिषद पूर्णिया की कसबा इकाई द्वारा 55 वां स्थापना दिवस राणी सती चौक स्थित श्री सत्यनारायण मंदिर प्रांगण में धूमधाम से मनाया गया। मंदिर की साफ सफाई कर आकर्षक रूप से सजाया गया। विहिप एवं बजरंगदल के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारी सहित शहर के कई गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज की। जहां विहिप पदाधिकारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर भारत माता, श्रीरामजन्मभूमि के प्रारूप एवं भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अर्चना की गई। उसके बाद विहिप के वक्ताओं ने विश्व हिंदू परिषद की स्थापना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज से 55 वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन ही विहिप की स्थापना की गई थी। भगवान श्रीकृष्ण कुशल प्रबंधक, महान रणनीतिकार और कूटनीतिक थे। ये विश्व का सबसे बड़ा हिंदूवादी संगठन है जो कि दुनिया के 56 राष्ट्रों में कार्य कर रहा। विहिप के लगभग 92 हजार सेवा प्रकल्प आज विश्व भर में विभिन्न क्षेत्रों में सेवा दे रहे हैं।

जिन्हें 6 करोड़ से अधिक कार्यकर्ता अपने सक्रिय सदस्य 30 लाख कार्यकर्ताओं के सहयोग से किया जा रहा। विहिप गौशाला, शिक्षा, स्वास्थ्य, सनातन संस्कृति, योग, रक्तदान, अंगदान, मंदिर एवं धर्मशाला निर्माण जैसे कई सामाजिक कार्य पिछले 5 दशकों से करता आ रहा है। विहिप के कार्यकर्ता लगातार लव जिहाद, गोहत्या, भ्रूण हत्या, जनसंख्या असंतुलन, धर्मांतरण लैंड जिहाद, बंगलादेशी घुसपैठ, आतंकवाद एवं सनातन धर्म संस्कृति और मठ मंदिर पर होने वाले हमले के विरुद्ध संघर्ष करते आ रहे हैं। आज जब भारत पुनः विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है, सारा विश्व हम सभी की ओर बहुत आशा से देख रहा है। ऐसे में हमारी जिम्मेवारी हिन्दू समाज और राष्ट्र के लिए बढ़ जाती है। राष्ट्रविरोधी ताकतें देश में अपना फन न उठा पाए। इसके लिए हम सभी भारतीयों को सजग रहकर देश सेवा करने की जरूरत है। इन सभी का मूल समाधान संगठन से जुड़ संगठित रहने में है। इस मौके पर वक्ताओं ने सभी राष्ट्र भक्तों से अपील की कि विहिप की सदस्यता ग्रहण करें। ताकि राष्ट्र निर्माण में सहयोग कर सकें।

Source : Bhaskar.com

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